मां…

अंधेरों से बचा कर, उजालों में संभाल कर,

अगर घबराहट हो तुम्हें, तो दिल में छिपा कर रखती है,

एक मां जैसी मोहब्बत भला किसी और से कहां मिलती है…?

रास्ते तुम्हारे होंगे पर साथ वो चलेगी,

मंज़िल तुम्हें मिलेगी, तो मां से ज़्यादा खुशी किसे होगी!

मुश्किलों से बचाकर, अपनी ममता लुटाकर,

अपने आंसु छिपाकर, तेरी मुस्कुराहटों पे अपनी खुशियां कुर्बान करती है,

एक मां जैसी मोहब्बत भला किसी और से कहां मिलती है…?

जब कभी भी डर लगे तो दिल में सिर्फ मां का ख़्याल आता है,

मां के ख्याल भर से ही डर कहीं दूर भाग जाता है,

उसके आंचल से ज़्यादा सुकून और कहां मिलता है?

बिना कुछ चाहे तुम्हें प्यार करे, ऐसा जुनून कहां मिलता है?

वादे कर के नहीं निभाते लोग, वो अनकहे अनसुने वादे निभाती है, बिना कुछ कहे सब समझ जाती है,

एक मां जैसी मोहब्बत भला किसी और से कहां मिलती है…?

तुम्हारे हर वक़्त में तुम्हारे साथ खड़ी होगी, तुम्हारी मुश्किलों के आगे वो दीवार खड़ी कर देगी,

तुम्हारी हर ख्वाहिश को सिर – माथे लगा लेती है,

एक मां जैसी मोहब्बत किसी और से कहां मिलती है…?

हर सुबह जब आंख खुले तो, उसे अपनी साड़ी का पल्लू अपनी कमर में खोसे हुए, काम करते देखा है,

सबकी हर जरूरतों का ख्याल करते देखा है,

तुम्हारे सुख में अपना हर ग़म भूल जाती है,

मेरे लिए तो दुनिया की हर मां भगवान कहलाती है,

तुम्हारे दिए हुए दुख को भी तुम्हारा प्यार समझ के खुश हो जाती है,

एक मां जैसी मोहब्बत भला किसी और से कहां मिलती है…?

Wishing a very happy mother’s day to all the ‘maa’ around the world,

I love you maa, you mean the world to me…❤️❤️

8 thoughts on “मां…

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